Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन-सा फल खाà¤à¤‚, कौन सा नहीं - Fruits to eat and avoid during pregnancy in Hindi
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी महीने से ⇨
पहला महीना दूसरा महीना तीसरा महीना चौथा महीना पांचवा महीना छठा महीना सातवा महीना आठवा महीना नौवा महीना
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में महिलाओं को अपनी सेहत का खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤. इस दौरान महिलाओं को अपने आहार में पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र आहार को शामिल करने की जरूरत होती है. खासतौर पर आपको अपने आहार में à¤à¤°à¤ªà¥‚र रूप से फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को शामिल करने की जरूरत होती है.
अधिकतर हेलà¥à¤¥ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में महिलाओं को कई तरह के फलों को खाने की सलाह देते हैं, लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में हर तरह के फलों का सेवन नहीं किया जा सकता है. जी हां, पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में फलों का सेवन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठलाà¤à¤•ारी हो सकता है, लेकिन कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ फल जैसे- पाइनà¤à¤ªà¥à¤ªà¤², पपीता व अंगूर हैं, जिसका सेवन आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान नहीं कर सकते हैं.
आज हम इस लेख में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन-सा फल नहीं खाना चाहिà¤, इसके बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानेंगे.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में किस फल का सेवन नहीं करना चाहिà¤
अंगूर
कचà¥à¤šà¤¾ पपीता
पाइनà¤à¤ªà¥à¤ªà¤²
केला
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में खाठजाने वाले फल
खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€
चेरी
अमरूद
कीवी
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में फल खाते वकà¥à¤¤ रखें जरूरी बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
फलों को अचà¥à¤›à¥‡ से धोकर खाà¤à¤‚
अधिक फलों के सेवन से बचें
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से लें सलाह
सारांश
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन-सा फल खाà¤à¤‚, कौन सा नहीं के डॉकà¥à¤Ÿà¤°
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में किस फल का सेवन नहीं करना चाहिà¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान पपीता, अनानास और अंगूर जैसे फलों का सेवन नहीं करना चाहिà¤. इससे आपको और आपके बचà¥à¤šà¥‡ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है. कई à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ और रिसरà¥à¤š में बताया गया है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान इन फलों के सेवन से à¤à¥à¤°à¥‚ण को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है.
आइठविसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं इसके बारे में-
अंगूर
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान कà¥à¤› महिलाओं को अंगूर न खाने की सलाह दी जा सकती है. दरअसल, अंगूर में रेसà¥à¤µà¥‡à¤°à¤¾à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² पाया जाता है, जो जहरीला कंपाउंड होता है. अगर अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में अंगूर का सेवन किया जाà¤, तो यह विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ या गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की अनà¥à¤¯ जटिलताओं का कारण बन सकता है.
कचà¥à¤šà¤¾ पपीता
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान महिलाओं को कचà¥à¤šà¤¾ पपीता खाने से परहेज करना चाहिà¤. दरअसल, कचà¥à¤šà¥‡ पपीते में लेटेकà¥à¤¸ पाया जाता है, जो समय से पहले à¤à¥à¤°à¥‚ण में संकà¥à¤šà¤¨ पैदा कर सकता है. हालांकि, पके पपीते का सेवन महिलाओं के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो सकता है, लेकिन पके पपीते का छिलका और बीज à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है. इसलिà¤, कई हेलà¥à¤¥ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ इससे होने वाले जोखिमों से बचने के लिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को दोनों में से किसी à¤à¥€ पपीते का सेवन न करने की सलाह देते हैं.
पाइनà¤à¤ªà¥à¤ªà¤²
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में महिलाओं को पाइनà¤à¤ªà¥à¤ªà¤² न खाने की à¤à¥€ सलाह दी जाती है. दरअसल, इसमें बà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‡à¤²à¥ˆà¤¨ होता है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को नरम कर सकता है. अगर आप इसका सेवन अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में करते हैं, तो इससे आपके à¤à¥à¤°à¥‚ण को काफी नà¥à¤•सान हो सकता है. हालांकि, कई डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का मानना है कि आप हलà¥à¤•ी-फà¥à¤²à¥à¤•ी मातà¥à¤°à¤¾ में पाइनà¤à¤ªà¥à¤ªà¤² का सेवन कर सकते हैं. इस फल में कई उपयोगी पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं, जो सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठफायदेमंद साबित हो सकते हैं. कई à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में पाइनà¤à¤ªà¥à¤ªà¤² के सेवन को सीमित करने की सलाह दे सकते हैं.
केला
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठकेला काफी फायदेमंद होता है. लेकिन अगर आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान डायबिटीज है, तो इसका सेवन न करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है. वहीं, अगर आपको डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है, तो आप इसका सेवन कर सकते हैं. इससे आपको और आपके बचà¥à¤šà¥‡ को कई तरह के आवशà¥à¤¯à¤• विटामिन और खनिज मिल सकते हैं.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में खाठजाने वाले फल
आइà¤, अब उन फलों के बारे में à¤à¥€ जान लेते हैं, जिनका सेवन पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में किया जा सकता है-
खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€
इसमें मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से विटामिन-à¤, सी, ई, बीटा-कैरोटीन, फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸, सिलिकोन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन व पोटैशियम की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ होती है. ये पोषक ततà¥à¤µ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला व होने वाले शिशॠके विकास में फायदा करते हैं.
चेरी
चेरी में पà¥à¤°à¤®à¥à¤– रूप से विटामिन-सी होता है, जो इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® को बेहतर बनाठरखने में मदद करता है. साथ इसे खाने से पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा और à¤à¥à¤°à¥‚ण तक रकà¥à¤¤ आपूरà¥à¤¤à¤¿ ठीक तरह से होती है.
अमरूद
अमरूद को à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के बेहतरीन फल माना गया है. इसे खाने से पाचन तंतà¥à¤° बेहतर तरीके से काम करता है और रकà¥à¤¤-संचार à¤à¥€ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रहता है. अमरूद में विटामिन-सी, ई, कैरोटीनॉयड और पॉलीफेनोल जैसे जरूरी कंपाउंड होते हैं.
कीवी
कीवी में शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को बेहतर रखने का गà¥à¤£ होता है. इसके अलावा, कीवी आयरन को शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है. साथ ही इसमें à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट और फोलेट à¤à¥€ पाया जाता है, जो शिशॠके तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° को बेहतर तरीके से विकसित करता है.
इनके अलावा, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर सेब, चीकू, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€, अनार, संतरा, तरबूज, खजूर व जामà¥à¤¨ आदि का à¤à¥€ सेवन कर सकती है
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में फल खाते वकà¥à¤¤ रखें जरूरी बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में फलों को खाने से पहले कà¥à¤› जरूरी बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने की जरूरत होती है, ताकि इससे आपकी सेहत को नà¥à¤•सान न हो, जैसे-
फलों को अचà¥à¤›à¥‡ से धोकर खाà¤à¤‚
फलों को खाने से पहले हमेशा अचà¥à¤›à¥‡ से धोà¤à¤‚. दरअसल, फल में कीटनाशक अवशेष या फसल से बची हà¥à¤ˆ मिटà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है, जो मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों के लिठनà¥à¤•सानदेह हो सकता है. इस वजह से कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को जैविक उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की सलाह दी जाती है, लेकिन इस तरह के फलों को à¤à¥€ धोकर ही खाना चाहिà¤.
अधिक फलों के सेवन से बचें
कई फलों में चीनी की मातà¥à¤°à¤¾ काफी अधिक होती है, à¤à¤¸à¥‡ में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ होने का जोखिम बढ़ सकता है. वहीं, जिन महिलाओं को डायबिटीज पहले से है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शरà¥à¤•रा यà¥à¤•à¥à¤¤ फलों के सेवन से नà¥à¤•सान हो सकता है. इस वजह से फलों के जूस का अधिक सेवन करने से बचें. अतिरिकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा के बिना पोषक ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिठसीमित मातà¥à¤°à¤¾ में फलों का सेवन करने की सलाह दी जाती है.
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से लें सलाह
अगर आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में डाइट को लेकर किसी तरह का सवाल है, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर लें. कà¤à¥€ à¤à¥€ अपने डाइट के बारे में पूछने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से संकोच न करें, ताकि à¤à¥à¤°à¥‚ण का समà¥à¤šà¤¿à¤¤ विकास अचà¥à¤›à¥‡ से हो सके. साथ ही आपको à¤à¥€ किसी तरह की परेशानी का अनà¥à¤à¤µ न हो.
सारांश
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हमें अपने आहार में फलों को à¤à¤°à¤ªà¥‚र रूप से शामिल करना चाहिà¤, लेकिन कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ फल हैं, जैसे- कचà¥à¤šà¤¾ पपीता, अंगूर और पाइनà¤à¤ªà¥à¤ªà¤², जिनका सेवन पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान कम मातà¥à¤°à¤¾ में या फिर डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर ही करना चाहिà¤. इसके अलावा, फलों का सेवन सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में करें. हमेशा फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अचà¥à¤›à¥‡ से धोकर ही खाà¤à¤‚, ताकि आपको और आपके बचà¥à¤šà¥‡ को किसी तरह का नà¥à¤•सान न हो.
| --------------------------- | --------------------------- |